ek dam desi bhatiji ki chudai मेरे प्रोफेसर की चुदक्कड़ बीवी

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Latest sotry by : – मानव … है

ल्लो दोस्तों, में आज आप सभी urzoy latest new hindi sex stories के चाहने वालों को अपनी एक सच्ची घटना बताने जा रहा हूँ, जिसमें मैंने अपनी गर्लफ्रेंड को चोदकर उसकी सील को तोड़ा और उसके साथ उसकी चुदाई के पूरे पूरे मज़े लिए। दोस्तों वैसे तो में सेक्स में शुरू से ही रूचि रखता हूँ और मुझे ऐसा करना बहुत अच्छा लगता और मैंने पिछले कई सालों में बहुत सारी सेक्सी कहानियाँ पढ़ी है

, लेकिन मुझे पहली बार सेक्स करने का मौका अपनी गर्लफ्रेंड के साथ मिला और मैंने उस मौके का पूरा पूरा फायदा उठाया और अब में सबसे पहले थोड़ा अपना परिचय देकर अपनी गर्लफ्रेंड का भी परिचय आप लोगो से करवा देता हूँ और उसके बाद सीधा अपनी कहानी पर आऊंगा। है

ल्लो दोस्तों मेरा नाम मानव है

और मेरी उम्र 27 साल में दिल्ली का रहने वाला हूँ और यह घटना मेरे साथ 2008 में घटी जब मेरी उम्र करीब 20 साल और मेरी गर्लफ्रेंड जिसका नाम ज्योति है

उसकी उम्र 19 साल थी और वो दिखने में बहुत सुंदर उसका गोरा रंग गदराया हुआ बदन मुझे हमेशा से उसकी तरफ आकर्षित करता था, क्योंकि वो चीज ही कुछ ऐसी थी।

उसके फिगर का आकार 32-28-34 था और साथ में बहुत अच्छे आकार के बिल्कुल गोल बूब्स थे और में सच कहूँ तो वो बहुत सुंदर लड़की थी।

उसका व्यहवार भी बहुत अच्छा था, वो मेरी पड़ोसन थी और उसके परिवार का मेरे घर वालों से बहुत अच्छा रिश्ता था। दोस्तों मेरी तरह वो भी हर कभी किसी ना किसी काम से मेरे घर पर आती जाती रहती थी।

दोस्तों सच पूछो तो में शुरू से ही ज्योति में बहुत रूचि रखता था, क्योंकि उनका मेरे साथ बहुत अच्छा व्यहवार और हंसी मजाक चलता रहता था, इसलिए में उनकी तरफ बहुत आकर्षित था और मुझे दिल ही दिल में लगता था कि शायद वो भी मुझसे बहुत प्यार करती है

, लेकिन मेरी इतनी हिम्मत नहीं थी।

एक शाम को में उसके घर पर उनका कुछ सामान वापस करने गया हुआ था और तब वो और उसकी माँ भी घर में ही थे। वैसे उनके परिवार में वो चार लोग ही थे वो उसकी माँ, पापा और एक उसका बड़ा भाई। फिर जब मैंने दरवाज़ा खटखटाया तो ज्योति ने ही उसे खोला वो मुझे देखकर बहुत खुश हुई मैंने भी उसको देखकर थोड़ा सा मुस्कुरा दिया और में कुछ देर उसको लगातार घूर घूरकर देखता रहा और फिर वो मुझसे मेरा हालचाल पूछने लगी, लेकिन उस समय मेरी उससे कुछ ज़्यादा बातचीत नहीं हो पाई, क्योंकि उसकी माँ किचन में थी इसलिए मैंने उनका सामान जो में उसको देने आया था उसको वापस दे दिया और फिर में तुरंत अपने घर पर आ गया और में अब भी उसके बारे में ही सोचने लगा। में उसकी ख्यालों में ना जाने कब खो गया दोस्तों मुझे उसकी आँखें सबसे अच्छी लगती थी इसलिए में उसके ख़यालों में खोया हुआ था और सोचता रहा। फिर कुछ देर बाद में उठकर अपने घर की छत पर चला गया और में अब डूबते सूरज को देखने लगा। तभी थोड़ी देर बाद वो भी अपनी छत पर आ गई और तार पर डाले हुए अपने सूखे कपड़े उतारने लगी, वो अब मेरी तरफ थोड़ा सा मुस्कुरा गई, तो मैंने उसकी तरफ देखा और उसने मेरी तरफ देखा। फिर हम दोनों मुस्कुराए दोस्तों तब मुझे पहली बार महसूस हुआ कि यह भी मुझसे प्यार करती है

, क्योंकि जिस तरह उसने मुझे देखा उसकी आँखें मुझसे कुछ कहना चाहती थी और उसके चेहरे ने मुझे वो सब कुछ बता दिया था। मैंने उसे इशारा किया और वो जाते जाते तुरंत रुक गई। फिर में अपनी छत की दीवार को झट से कूदकर उसके पास चला गया और फिर मैंने तुरंत सही मौका देखकर उसके दोनों हाथों को पकड़ लिया। फिर उसने मुझसे पूछा कि क्या बात है

जो तुम मुझसे कहना चाहते थे? मैंने उससे कहा कि मुझे तुमसे कुछ ज़रूरी बात करनी थी, वो बोली कि हाँ बोलो ना में तुम्हारे ही सामने खड़ी हुई हूँ? तो मैंने कहा कि चलो छोड़ो में तुम्हे फिर कभी बता दूंगा। फिर उसने ठीक है

कहा और स्माइल देते हुए वो नीचे अपने घर में चली गई। दोस्तों कुछ दिन बाद मेरी अच्छी किस्मत से मुझे वो मौका मिल ही गया। उस दिन उसकी माँ उनके पड़ोस में कहीं सत्संग में गई हुई थी और वो मेरे घर पर आकर अपने साथ में मेरी माँ को भी लेकर चली गई तो दोस्तों मैंने मन ही मन में सोचा कि यही अच्छा मौका है

, क्योंकि इस समय उसके पापा ऑफिस में होंगे और उसका बड़ा भाई बंगलोर में अपनी नौकरी करता है

। अब में अपनी छत के रास्ते उनकी छत पर चला गया और मैंने देखा कि वो पहले से वहां पर ही मौजूद थी तब उसने मुझसे पूछा कि तुम्हे मुझसे क्या बात करनी थी? तो मैंने उसकी आँखों में देखते हुए थोड़ी सी हिम्मत करते हुए उससे कहा कि में तुम्हे बहुत प्यार करता हूँ और में तुमसे यह बात बहुत दिनों से कहना चाहता था, लेकिन ना जाने क्यों ना कह सका? तो उसने मुझसे कहा कि वो भी मुझसे बहुत प्यार करती है

और यह बात वो भी मुझसे बहुत पहले से कहना चाहती थी जो उसने मुझसे आज कही थी।

दोस्तों बस मुझे तो उसके मुहं से यह बात सुनकर अब जैसे सब कुछ मिल गया था और मैंने तुरंत उसे अपनी बाहों में जकड़ लिया और फिर मैंने झट से उसके होंठो पर अपने होंठ रख दिए और थोड़ी देर ना नुकुर के बाद वो भी मेरा पूरा साथ देने लगी थी, क्योंकि वो आग हम दोनों के जिस्म में बराबर की लगी थी और तभी मैंने सही मौका देखकर आगे बढ़ते हुए उसके एक बूब्स पर अपना एक हाथ रख दिया और हल्के से दबाया, जिसकी वजह से वो सिसकियाँ लेने लगी थी और उसने मुझे उसकी छत पर ही बने एक कमरे में चलने को कहा, क्योंकि दिन में हमे वहां पर कोई भी नहीं देख सकता था इसलिए में उसके साथ उस कमरे में चला गया और अब हम दोनों उस कमरे में थे। तभी मैंने तुरंत अंदर से दरवाज़ा बंद कर लिया और वहां पर एक छोटी सी खिड़की थी जिससे रोशनी अंदर आ रही थी, जिसमें मुझे उसका सुंदर सा चेहरा और भी मदहोश किए जा रहा था। फिर मैंने उसको अपनी बाहों में लेकर वहीं पर लगे एक पलंग पर लेटा दिया और अब में उसके ऊपर चढ़ गया और उसके गरम बदन से अपने शरीर को रगड़ने लगा और अब मैंने सही मौका देखकर उसका सूट उतार दिया और तब मैंने देखा कि उसने अंदर ब्रा नहीं पहनी थी।

दोस्तों ये कहानी आप urzoy latest new hindi sex stories पर पड़ रहे है

। दोस्तों उसके गोरे गोरे बड़े आकार के सुंदर बूब्स और उस पर हल्की गुलाबी कलर की निप्पल को देखते ही मेरी कामवासना अब और भी ज्यादा बढ़ गई थी और पहले मैंने उसके दोनों बूब्स को अपने दोनों हाथों से बहुत अच्छी तरह से मसला और उनकी मसाज करने लगा। फिर मैंने कुछ देर बाद बारी बारी से दोनों बूब्स को चूसना निचोड़ना शुरू कर दिया और में कभी उन पर काट भी देता और ऐसा करने पर ज्योति के urzoy latest new hindi sex stories से लाल हुए उस चेहरे पर और लालिमा आ जाती। मैंने देखा कि वो उस समय पूरे जोश में थी और में अब उसकी सलवार को खोलने लगा था, लेकिन उसने तुरंत मेरा हाथ पकड़ लिया और मुझे आगे बढ़ने से रोक लिया, वो मुझसे कहने लगी कि यह सब ठीक नहीं है

और में इससे ज़्यादा कुछ नहीं कर सकती, प्लीज अब बस करो, प्लीज अब छोड़ दो मुझे। फिर मैंने उससे कहा कि तुम मुझ पर पूरा पूरा भरोसा रखो क्या में तुम्हे ऐसा लगता हूँ? में तुम्हे ऐसा कुछ भी नहीं होने दूंगा। तब ज्योति मुझसे बोली कि वो सब तो ठीक है

, लेकिन कहीं तुम मुझे धोखा तो नहीं दोगे ना क्योंकि उसके यौवन पर केवल और केवल उसके होने वाले पति का सबसे पहले अधिकार है

। अब मैंने उससे कहा कि में तुमसे बहुत प्यार करता हूँ और में तुम्हे धोखा कैसे दे सकता हूँ। तुम मेरा पूरा विश्वास करो प्लीज और अब मैंने उसकी सलवार का नाड़ा खोल दिया और मैंने देखा कि उसकी प्यारी सी बेचेन चूत काली कलर की पेंटी के अंदर छुपी हुई थी, जो मुझे हल्की सी उभरी हुई नजर आ रही थी और अब में जल्दी से उसके गोरे गोरे पेट और भरी हुई जांघो पर हाथ रखा और सहलाने लगा। मैंने उसकी चूत को पेंटी के ऊपर से ही छूकर देखा तो उसकी गरमी को महसूस किया और तब मुझे लगने लगा था कि उसकी चूत अब गीली होने लगी थी।

फिर मैंने धीरे से उसकी पेंटी को नीचे सरकाया और अब उसकी गोरी चूत मेरी आखों के सामने खुलकर बाहर आ गई। उसकी गोरी चूत और लाल दाने को देखकर मेरा लंड अब उछाल मारने लगा था, जिसको देखकर में अब पूरे जोश में आ चुका था। तो मैंने सबसे पहले उसकी गीली गरम चूत को चाटा और चूत के अंदर तक अपनी जीभ को डालकर में उसकी चूत की खुदाई करने लगा और तब मैंने महसूस किया कि जैसे जैसे में यह सब करता उसकी चूत अपना पानी छोड़ने लगती में अब चूत को चाटने के साथ साथ उसके बूब्स को भी सहलाता गया और में उसकी चूत को चाट चाटकर पूरा गीला एकदम लाल करता रहा। अब मैंने उसको खड़ा किया और फिर ठीक अपने सामने नीचे बैठा दिया। फिर मैंने जल्दी से अपने लंड को पेंट से बाहर निकालकर उसके हाथ में दे दिया और उससे लंड को हिलाने के लिए बोला। फिर उसने मेरे लंड को बहुत प्यार से अपने मुलायम मुलायम हाथों में लेकर मेरी मुठ मारी और मैंने उसके गोरे गालों को सहलाते हुए उसके मुहं को खोला दिया और अब मैंने अपने लंड को उसके मुहं के अंदर डाल दिया, वो मुझसे कहने लगी कि में इसे नहीं चूसूँगी यह बहुत गंदा है

, मैंने ऐसा कभी नहीं किया। फिर मैंने उससे कहा कि प्लीज बस एक बार क्या तुम मेरे लिए इतना भी नहीं कर सकती, प्लीज थोड़ी देर कर लो चाहो तो उसके बाद तुम निकाल देना। दोस्तों वो मेरे बहुत समझाने पर मान गई और उसने अब बहुत प्यार से मेरे लंड को अपने मुहं में ले लिया चूसा और बीच बीच में वो मेरे टोपे पर काट भी देती थी।

उसके मुहं की गरमी का वो अहसास उसका और वो मेरे लंड को चूसना में किसी भी शब्दों में नहीं लिख सकता कि मुझे उस समय कितना मज़ा आ रहा था, क्योंकि वो भी लंड को मुहं में लेने के बाद जोश में आकर लोलीपोप की तरह चूस रही थी।

अब मैंने सही मौका देखकर अपना मोटा और 6 इंच लंबा लंड एक झटका देकर उसके गले में अंदर तक उतार दिया जिसकी वजह से उसकी आँखो में आंसू आ गए और उसकी सांसे अटक गई, लेकिन तभी उसने लंड को एक ज़ोर का झटका देकर पूरा बाहर निकाल दिया और लंबी लंबी सांसे लेने लगी और में उसकी छाती को सहलाता रहा। फिर मैंने कुछ देर बाद उसे अपनी गोद में उठाया और पलंग पर लेटा दिया। में अब उसके दोनों पैरों को खोलकर उसके एकदम बीच में आ गया था और अब मैंने देखा कि उसकी चूत मेरे सामने पूरी खुल चुकी थी और तुरंत मैंने अपना लंड उसकी गीली चूत के मुहं पर रखा और फिर बहुत आराम से दबाने लगा, लेकिन मेरा लंड अब अंदर नहीं जा रहा था, क्योंकि उसकी चूत का छेद आकार में बहुत छोटा और मेरा लंड मोटा था और तभी मैंने ज्योति से पूछा कि क्या तुम वर्जिन हो? तो उसने मुझसे कहा कि हाँ में अब तक वर्जिन हूँ। फिर मैंने यह सब पहले कभी नहीं किया इसलिए मुझे उस दर्द से अब बहुत डर लग रहा है

प्लीज। फिर मैंने उसको बताया समझाया कि शुरू में थोड़ा सा दर्द होगा और बस फिर मज़ा ही मज़ा। फिर उसने मुझसे हामी मिलाई और मैंने जल्दी से अपने लंड पर थोड़ा सा थूक लगाया और अबकी बार में धीरे धीरे लंड का दवाब बढ़ता गया और मेरे लंड का अगला हिस्सा जैसे ही अंदर गया तो उसके मुहं से बहुत दबी हुई सी चीख निकली मैंने उसके मुहं पर हाथ रखा और ज़ोर का धक्का मार दिया तो वो हिलने लगी और बोली कि प्लीज मुझ पर विश्वास करो, में मर जाउंगी मानव, प्लीज अब छोड़ दो उफ्फ्फफ्फ्फ़ आह्ह्हह्ह तुम इसके अलावा कुछ भी कर लो, मुझे इसके आगे नहीं करना, प्लीज मेरा विश्वास करो आह्ह्ह्ह, लेकिन में अब भी जारी रहा और मैंने उसकी किसी भी बात पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दिया और में लगातार धक्के मारता रहा और फिर में उसके ऊपर आ गया और उसके होंठो को चूसने लगा। में नीचे से आराम से चुदाई करता रहा और ऊपर उसके होंठो का रस पीता रहा चूमता चाटता रहा। फिर में कभी उसके कान और कान के पीछे वाले हिस्से को चाट चाटकर मैंने उसको पूरी तरह से गीला कर दिया ऐसा करने पर उसका दर्द थोड़ा सा कम हुआ और अब उसकी चूत भी मेरे लंड का मज़ा लेने लगी थी।

फिर में वापस नीचे खड़ा हो गया और अब में उसके दोनों पैरों को अपने कंधे पर रखकर उसको ज़ोर ज़ोर से धक्के देकर चोदने लगा। तभी थोड़ी ही देर में ज्योति के मुहं से मदहोश कर देने वाली सिसकियाँ बाहर आने लगी थी।

फिर उसने मुझे पकड़ा और अपने ऊपर खींच लिया और फिर ज़ोर से हग करने लगी वो कभी मेरी कमर पर तो कभी मेरी छाती पर नाख़ून मारने लगी। अब वो तो जैसे पागल ही हो गई थी और वो मुझसे बोली कि मानव ज़ोर से चोदो मुझे और ज़ोर से में भी अपने काम में लग गया। मुझे अब बहुत मज़ा आ रहा था, क्योंकि उसकी टाइट मुलायम चूत में मेरा मोटा लंबा लंड चूत की दीवारों पर घिसता हुआ आगे पीछे हो रहा था और मैंने करीब उसकी चूत की 20-25 मिनट तबाड़तोड़ चुदाई की और उसके बाद हम दोनों एक साथ में झड़ गये और में उसके ऊपर लेट गया। मैंने अपना पूरा वीर्य उसकी वर्जिन चूत की गहराईयों में अंदर तक डाल दिया और वो मुझे चेहरे से एकदम संतुष्ट नजर आ रही थी।

उसने चुदाई में मेरा पूरा पूरा साथ दिया और बहुत मज़े किए। फिर थोड़ी देर वहीं पर लेटे रहने के बाद में उठकर बाथरूम चला गया और बाहर आने के बाद में वापस अपने घर पर आ गया। अब वो मेरी चुदाई से बहुत संतुष्ट नजर आ रही थी और हम दोनों ने उस दिन सेक्स का वो पूरा मज़ा लिया और उसके बाद भी मैंने उसको सही मौका देखकर चोदा और उसने मुझसे कभी मना नहीं किया और मैंने भी उसे बहुत जमकर चोदा और पूरे मज़े लिए ।। और … +0 मेरे प्रोफेसर की चुदक्कड़ बीवी पापा के लंड से मेरी चूत का संगम .

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