indian chut ki chudai fist bar sex video भाभी की चूत की चटनी – 2

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Latest sotry by : – अनुज .. है

ल्लो फ्रेंड्स.. आप सभी कैसे हो? में उम्मीद करता हूँ कि आप सभी ठीक ठाक हो और बहुत मजे मस्ती कर रहे हो। दोस्तों तो बात शुरू होती है

उस बिल्डिंग से जहाँ पर में रहता हूँ। में उस बिल्डिंग के सातवें फ्लोर पर रहता हूँ और ऊपर के आठवें फ्लोर पर एक लड़की और उसकी दादी जी रहते है

और उसके माता पिता नहीं है

और इसी साल से उसने कॉलेज जाना शुरू कर दिया है

। उसका नाम स्नेहा है

उसकी उम्र कोई 20-21 साल के करीब होगी और वो बहुत सेक्सी दिखती है

और उसका फिगर किसी ब्लू फिल्म की हीरोईन से कम नहीं है

.. लेकिन रास्ते पर दिखता हर माल अपना नहीं हो सकता और हम एक ही बिल्डिंग में रहते थे। फिर कल को कोई लफड़ा हो तो वो भी सही नहीं होता इसलिए में उस पर ज़्यादा ध्यान नहीं देता था। फिर सारी बातें कुछ दिनों पहले बदल गयी और मुझे किसी काम से छत पर जाना था और मैंने उसे और एक लल्लू जैसे लड़के के साथ एक दूसरे को किस करते हुए देख लिया और में वहाँ से चुपचाप निकल गया.. क्योंकि यह उसकी अपनी लाईफ थी.. लेकिन वो चोंक गयी और वो लड़का भी मुझे देखकर भाग गया। तो मुझे बहुत हंसी आई कि किस बेवकूफ़, डरपोक को मज़े दे रही थी।

फिर 5 मिनट बाद वो मेरे फ्लेट पर आई और उसने डोर बेल बजाई.. तो मैंने उसे अंदर आने दिया। फिर वो मुझसे बोली कि प्लीज किसी को बताना मत। तो मैंने कहा कि ठीक है

.. तुम्हे जो करना हो वो करो.. लेकिन तुम किस बेवकूफ़ के साथ मज़े ले रही हो.. वो तुम्हारी मर्ज़ी.. मुझे उससे क्या मतलब तुम जानो तुम्हारा काम जाने। स्नेहा : वो कोई बेवकूफ़ नहीं टॉपर है

। में : तो क्या वो इसलिए भाग गया? और में हंस पड़ा.. लेकिन उस टाईम वो खामोश होकर चली गयी। दोस्तों एक बात तो तय थी कि वो बहुत खुले स्वभाव की थी और फिर दो दिन बाद मैंने देखा कि वो किसी और बच्चे के साथ किस्सिंग कर रही थी और में उससे बहुत दूर था.. लेकिन हम दोनों ने एक दूसरे को देख लिया और फिर से मेरी हंसी रुक नहीं पाई। तो वो तुरंत ही मेरे फ्लेट पर आई और बोली कि तुम्हे मुझे देखकर हंसी क्यों आने लगती है

? में : ठीक है

में अब तुम्हारा कभी भी मजाक नहीं उड़ाउगा.. लेकिन तुम चाहती क्या हो? स्नेहा : मतलब क्या है

तुम्हारा? में : तुम दो दिन पहले किसी के साथ थी और आज किसी और बच्चे को ले आई हो तो तुम क्या चाहती हो? दो मिनट तो वो कुछ नहीं बोली और फिर उसने कहा। स्नेहा : में किसी के साथ सेक्स करना चाहती हूँ.. लेकिन डरती हूँ कि कोई मेरी बेइज़्ज़ती ना कर दे? में : लेकिन कोई ऐसा क्यों करेगा? स्नेहा : मैंने 6 महीने पहले एक लड़के को सिर्फ़ गाल पर किस करने दिया था.. तो उसने मेरी पूरे स्कूल में खिंचाई करवाई थी।

में : ओह.. तो इसलिए तुम ऐसे डरपोक बच्चो के साथ ट्राई करती हो? स्नेहा : तो तुम ही बताओ में क्या करूं? में : क्या स्नेहा.. तुम्हारे सामने में नहीं खड़ा हूँ? स्नेहा : अच्छा तो तुम मुझे पर चान्स मार रहे हो? में : तो क्या तुम अभी ऊपर चान्स खराब नहीं कर रही थी? और वैसे भी में बहुत अनुभवी हूँ। स्नेहा : लेकिन में नहीं.. किसिंग तक तो ठीक है

.. लेकिन बाकी काम में मुझे बहुत डर लगता है

। में : तब तो तुम ऐसे ही बच्चो के साथ खेलो.. असली खेल नहीं होगा तुमसे। तो वो फिर से नाराज़ होकर चली गयी.. दोस्तों यह लडकियाँ भी सीधे मुहं पर बात कह दो तो इन्हें बहुत जल्दी बुरा लग जाता है

। फिर इस बात को 4 दिन के आस-पास हो चुके थे और फिर एक रात को दो बजे किसी ने डोर बेल बजाई.. तो मैंने सोचा कि अभी इतनी रात को कौन होगा? और मैंने देखा तो स्नेहा दरवाजे पर खड़ी थी।

में : ओह.. अब क्या हुआ? स्नेहा : मुझे आज अभी इसी वक्त पूरा खेल खेलना ही है

.. क्योंकि आज दादी बाहर है

। में : क्या कौन सा खेल? तो इतना कहते ही वो बच्चो की तरह मुझसे लिपट गयी और किस करने लगी। मुझे तो लाटरी लग गई और वो भी अचानक से.. फिर मैंने उसे अंदर लिया और पूछा कि क्या तुम्हे अपनी आप पर पूरा यकीन है

? और क्या तुम खेल सकती हो? स्नेहा : हाँ मैंने बहुत वीडियो देखे है

और अब मुझसे नहीं रहा जाता.. प्लीज। तो मैंने भी देर नहीं की और स्मूच शुरू कर दिया और मैंने अपने दोनों हाथों से उसके बूब्स को दबाना शुरू कर दिया और कपड़े भी उतारने लगा.. में तो पहले से ही बरमूडे में था जिसे मैंने तुरंत उतार दिया। वो बहुत सेक्सी थी और उसकी स्किन एकदम दूध की तरह थी, पतली कमर और नये नये उठे हुए उसके बूब्स क्या लग रहे थे और फिर में उसे सीधे बेडरूम में ले गया और उसने तो मेरा 7 इंच का लंड देखते ही हाथ में पकड़ लिया और स्मूच के दौरान ही हाथ से सक करने लगी। में : डार्लिंग.. हाथों से नहीं अपने होठों से चूसो। तो उसने मेरा लंड अपने मुहं में ले लिया और अब मेरा लंड तनकर पूरा 8 इंच का हो गया था और में भी जोश में था। स्नेहा जिस तरह से मेरा लंड चूस रही थी उसे देखकर लगा कि उसने बहुत सारी ब्लूफिल्म देखी है

और में अपनी पूरी ताकत से अपना लंड उसके मुहं में डालने की कोशिश कर रहा था और उसकी आँखो में से पानी आ गया.. लेकिन वो मेरा लंड गले तक ले जाकर चूसने लगी। फिर मैंने उसको मेरे ऊपर लेटा दिया और मैंने देखा कि उसकी चूत पर बहुत कम बाल थे और बहुत गुलाबी सी थी.. बहुत सेक्सी, बड़ी और बहुत कामुक.. उसकी चूत पूरी रस में भीगी हुई थी और जब ऊँगली डाली तो मुझे लगा कि वो बहुत ज़्यादा टाईट थी।

में तो उसकी चूत को चाटने लगा.. अब तो उसमे से और भी ज्यादा पानी आने लगा.. यानी वो अब पूरी तरह से गरम हो चुकी थी।

तो मैंने उसके बूब्स को चूसना शुरू कर दिया वो बहुत बड़े नहीं थे.. लेकिन में उसे अब बड़ा कर ही देने वाला था और में तो उसके बूब्स को मसलने लगा। फिर उसकी निप्पल बहुत तन गयी थी और टाईट हो गयी थी और में बार-बार उसे काट रहा था और उसके बूब्स को मुहं से मसल रहा था। उसकी कमर कम साइज़ की थी.. एकदम पतली और नाज़ुक.. उसकी पीठ भी मलाई की तरह सफेद और चिकनी थी.. में तो उसे काटने ही लगा। फिर वो बोली कि अनुज काटो मत कोई देखा लेगा। तो मैंने कहा कि अब क्या डरना? जब आज तेरी सुहागरात मेरे ही साथ होने वाली है

और आज तुझे पता चलेगा कि लंड किसे कहते है

मेरी रांड। दोस्तों ये कहानी आप urzoy latest new hindi sex stories पर पड़ रहे है

ं। स्नेहा : हाँ बस मुझे चोद.. मेरी चूत फाड़ो.. अब मुझसे रहा नहीं जाता। मैंने बेड के साईड की टेबल पर देखा कि कंडोम रखे थे.. लेकिन मैंने उसकी परवाह नहीं की और मैंने उसे सीधे लेटा दिया और उसके पैर ऊँचे करके लंड उसकी चूत में घुसा दिया। तो वो बहुत जोर से चीख पड़ी और कहने लगी कि अह्ह्ह ओह नहीं.. इसे निकालो। तो मैंने उसके मुहं पर हाथ रख दिया और उसकी चूत से थोड़ा खून भी बाहर निकल गया.. लेकिन मैंने उसकी चूत में से लंड बाहर नहीं निकाला और कुछ टाईम के लिए हिले बिना उसके ऊपर ही रहा। वो रोने लगी और छूटने की कोशिश करने लगी। में : चुपकर सेक्सी फिल्म में देखना अलग है

और जब सच का लंड घुसता है

तो चूत को तो फटना ही है

। स्नेहा : नहीं तुम्हारा लंड बहुत बड़ा है

में नहीं ले सकती प्लीज इस बाहर निकालो। में : अब यह नाटक बस कर बहुत हो गया। फिर मैंने पूरा लंड उसकी चूत में घुसा दिया और 5 मिनट तक उसको रोने दिया.. उसके बाद मैंने हल्के हल्के धक्के लगाने शुरू कर दिए पहले वो बहुत जोर जोर से चिल्ला रही थी.. लेकिन धीरे धीरे मेरे धक्को का साथ भी देने लगी और आगे पीछे होने लगी। स्नेहा : हाँ मुझे और चोद आहह मुझे और चोदो। तो मैंने भी पूरी ताकत से उसे चोदना शुरू कर दिया.. वो चीखती रही और मज़े भी लेती रही और में तो पागल ही हो गया था। बहुत टाईम के बाद एसी कच्ची कली मिली थी और में तो कोई कसर नहीं रखना चाहता था। बहुत टाईम तक चोदने के बाद वो झड़ गयी.. लेकिन मुझे अभी नहीं झड़ना था। तो मैंने कुछ टाईम के लिए धक्के रोक लिए और अब लंड चूत से बाहर निकाल कर उसकी गांड के नीचे तकिया रख दिया और फिर वो कुछ बोले उसके पहले ही मैंने मेरा तना हुआ लंड उसकी गांड में डाल दिया और उसका रोना फिर से शुरू हो गया.. लेकिन मैंने तो यूँ ही धक्के पूरे जोर से लगाने शुरू रखे और कुछ मिनट बाद उसे भी अच्छा लगाने लगा। बहुत देर तक की चुदाई के बाद में झड़ने वाला था। तो उसने कहा कि प्लीज अब बस करो और पूरा माल मेरे मुहं में डाल दो मुझे टेस्ट करना है

। मुझे इससे ज़्यादा क्या चाहिए था और फिर मैंने तो लंड सीधा उसके मुहं में घुसा दिया और धीरे धीरे धक्के देने लगा। एक मिनट के बाद मेरा पूरा माल सीधा उसके मुहं में और उसके बाद वो बहुत थक गयी थी तो मैंने कहा कि तुमने आज मुझे ज़न्नत की सैर कराई है

मेरी जान। स्नेहा : सच में मैंने भी आज ऐसा ही महसूस किया.. आज जैसी ख़ुशी मुझे पहले कभी नहीं मिली। यह ब्लू फिल्म देखने से लाख गुना बहतर है

और अब में तुमहरे लंड की गुलाम बन गयी हूँ ।। और … +0 भाभी की चूत की चटनी – 2 ग्वालन को चोदा .

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