maa ki chudai ki audio story ससुरा बड़ा चुदक्कड़
Latest sotry by : – गुमनाम मैं हमेशा इस वेबसाईट पर स्टोरी पढ़ता था और मैं अपनी एक स्टोरी लिखना चाहता था. लेकिन मेरा कोई अनुभव नहीं था. खेर मेरी यह मुराद भी पूरी हो गई। ये घटना बस 1 महीना पुरानी है
जो जून के महीने मैं घटी है
. बस आपको और बोर ना करते हुए सीधे कहानी पर आता हूँ- मैं विशाल उम्र 22 साल कद 5’7”. हर लोगो की तरह मेरा भी मन सेक्स करने मैं लगता था लेकिन किसी के साथ कभी सेक्स किया नहीं था. मैं अपनी पढाई खत्म कर के घर पर ही था तो घर का काम काज देखता था और साथ मैं मूठ भी मारता रहता था. मेरा मन हमेशा लड़कियों के मुक़ाबले आंटीयो पर ज़्यादा लगता था। तो उन दिनों घर का राशन आदि लाने के लिए मैं हर 8-10दिन मैं एक बार दुकान पर जाता था. उस दुकान मैं एक आंटी बैठती थी. आंटी की नाम नंदिनी है
उम्र करीब 35 साल उनके दो बच्चे हे जो अभी स्कूल मैं पढ़ते हे और उनका पति का काम ऐसा था की सुबह 10 बजे जाते थे और दोपहर को आते थे. एक छोटा बिजनेस संभालते थे उनके पति. मेने आंटी के बारे मैं नहीं बताया उनका फिगर 36-34-40 की है
और वो हमेशा लो कट वाला ब्लाउस पहनती थी।
जिसकी वजह से उनके बोब्स बाहर की तरफ निकलने कि फिराक़ मे रहता था और कसा हुआ था. आंटी हमेशा अपने बालो पर शेम्पू करके बाल खुले छोड़ते थे जिसे देख मेरा लंड खड़ा हो जाता था. किसी स्वर्ग की अप्सरा से कम नहीं थी वो. मैं जब भी आंटी की दुकान मैं जाता तो हमेशा उनके बड़े बड़े बोब्स को घूरता रहता था और यह बात धीरे धीरे आंटी को भी पता चल गई जब भी मेरी नज़र उनकी और जाती वो थोड़ी स्माइल दे देती थी।
एक दिन मैं समान लेने उनके यहाँ गया था. उस वक़्त करीब 11 बज रहे थे घर मैं सिर्फ़ वो और उनकी सास थी जो की ना के बराबर हे. तो मैं पहुँचते ही उनको समान की लिस्ट पकड़ा दी और वो एक एक करके समान पैक करने लगी. उस दिन भी वो अपने बालों पर शेम्पू किए थी और बाल खुले छोड़ रखे थे और हर दिन से ज़्यादा सेक्सी लग रही थी. उन्हे देख कर मेरा बुरा हाल हो रहा था और मेरा लंड पेन्ट मैं से साफ खड़ा दिखाई दे रहा था और यह बात आंटी ने नोटीस कर ली. सारे समान देने के बाद उन्होने मुझे चाय पी कर जाने के लिए बोला और मैं तुरंत राज़ी हो गया। जैसे ही आंटी चाय बनाने के लिए किचन मैं गयी मैं भी उनके पीछे पीछे गया और उनको पीछे से कस के पकड़ लिया वो हेरान हो गयी और मुझसे छुड़ाने लगी लेकिन मेरा पकड़ इतना मजबूत था की वो जा नहीं पाई. इस दौरान मै उनके बालो को सूंघने लगा क्या खुशबु थी यारो पूछो मत. फिर मैने उनके बालो से हट कर उनकी पीठ पर किस करने लगा सारी पीठ पर जीभ फेरने लगा. फिर अपनी ज़ुबान उनकी गर्दन की और ले गया और सभी और किस करता रहा और उनकी मोटी गांड पर अपना खड़ा हुआ लंड रगड़ने लगा। आंटी तो पहले छुड़ाने कोशिश कर रही थी और अब वो भी आहे भरने लगी थी. अचानक ही आंटी पीछे मुड़ी और मुझे अपने गले से लगा लिया और अपनी होंठ मेरी होंठो पर रख दिए. मैने अपनी ज़ुबान उनके मुह के अंदर धकेल दी और वो मेरे जीभ को चूसने लगी करीब 10 मिनिट तक हम लोग ऐसे ही किस करते रहे और फिर अलग हो गये. उसके बाद उन्होने बेडरूम मे जाने के लिए बोला और हम वहाँ चलने लगे. आंटी मुझ से लिपटने लगी और मेरी पेन्ट की जीप खोल कर मेरे लंड को बाहर निकाल लिया. मेरे 8 इंच के लंड को देख कर आंटी बहुत खुश हो गई और बोली तुम्हारे अंकल का सिर्फ़ 5 इंच का है
जिस से मुझे शांति नहीं मिलती और तो और उन्होने मुझे कई सालों से चोदा नहीं और आंटी सिर्फ़ उंगली से ही काम चलाती थी और धीरे धीरे मेरी तरफ आकर्षित होने लगी थी. लंड बाहर निकालते ही उसने अपने गुलाबी होंठ मेरे सुपाडे पर रख दिए और कई सालों की प्यासी की तरह उसे चूसने लगी मैं तो मानो जन्नत मैं था वो जिस तरह से चूस रही थी मुझे लगा शायद मैं झड़ जाउंगा इसीलिए उनको मुझ से अलग किया और फिर धीरे धीरे उनके सारे कपड़े खोल दिए आंटी अब पूरी नंगी मेरे सामने छटपटा रही थी।
मैने भी अपने कपड़े उतार दिए और नंगा हो गया फिर मैने उनके बोब्स को चूसने लगा और चाटने लगा उनके मुह से सिसकारियाँ निकलने लगी अया.. उउउहह औररर.. तेज.. चाटो मर गई…. और मेरे मुह को अपनी बोब्स पर दबाने लगी मैं उनके बोब्स चाटते चाटते निपल्स को भी चाटने लगा वो न ज़ाने क्या क्या बडबडा रही थी और बोल रही थी और मत तड़पाओ मेरे राजा चोद डालो अपनी आंटी को बुझा दो मेरी प्यास आज मेरे पति बन जाओ और मुझे अपनी पत्नी या रखैल मान लो… नंदिनी की यह बात सुनकर मेरा जोश दोगुना हो गया लेकिन मैं इस हसीन पल को और ज़्यादा लंबा खींचना चाहता था अब मैं उनको पलंग पर लेटा कर उनकी चूत की और बढ़ने लगा उनकी चूत पर एक भी बाल नहीं थे एक दम शेव थी।
पहले मैने अपनी दो उंगली उनके चूत पर घुसा दी और अंदर बाहर करने लगा वो सिसकारियाँ लेने लगी आआअहह चोद मुझे साले…….क्यों तडपा रहा….. हे.. फिर मेने अपनी ज़ुबान उसकी चूत पर रख दी और चाटने लगा थोड़ी ही देर मे आंटी झड़ गयी और मैं उनका सारा माल पी गया। अब मैं अपना खड़ा हुआ लंड उसके चूत पर टिका कर एक जोरदार धक्का मारा आंटी के मुह से चीख निकल गयी उउउइईमाआ…….मर गई…….पहले धक्के से लंड आधा उसके चूत के अंदर गया और फिर दूसरे धक्के से लंड पूरी तरह से आंटी की चूत मैं घुस गया. मैं जोरदार आंटी की चुदाई करने लगा आंटी के मुह से तरह तरह की आवाज़े निकल रही थी. अब मेने अपनी स्पीड तेज कर दी आंटी भी मुझ से अपनी गांड उठा उठा के चुदवा रही थी और बोल रही थी और जोर से और जोर से चोद मुझे फाड़ दे मेरी इस चूत को… बुझा दे मेरी प्यास बना ले मुझे अपनी बच्चे की माँ यह सुनते ही मै आंटी की बेरहमी से चुदाई करने लगा और थोड़ी देर बाद उनके चूत मैं ही झड़ गया। हम दोनो नंगे उस हाल मैं लगभग आधे घंटे पड़े रहे और फिर मैं अपना समान लेकर हमारे घर चला आया. उस दिन से हम जब भी मौका मिलता है
हम अपने आप को चुदाई के महासागर मैं डूबा देते है
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