maa ki chudai ki jungle me sex story कहानी एक मजबूर बेटे की 2

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Latest sotry by : – गुमनाम हेल्लो, केसे है

आपसब लोग, एक दिन जब मे ऑफीस से लंच टाइम मै छुट्टी लेकर शॉप से अपनी पत्नी के लिए नाईटी और ब्रा पेंटी लेकर घर गया और अपनी पत्नी को दे दिया. मेरी पत्नी ने मुझसे खाना खाने को कहा मेंने खाना खाने के बाद मे नेहा से कहा जाओ रूम मे जाकर चेक करो की फिटिंग ठीक है

की नही में अभी आता हूँ और दरवाजा खुला रखना… नेहा ने कहा ठीक है

में कुछ देर बाद रूम मे गया दरवाजा खुला था जैसे ही मे रूम में गया और देखा की नेहा बिल्कुल नंगी खड़ी थी और हाथ में ब्रा थी मुझे देखकर कहा पहले दरवाजा तो बंद कर लो नही तो देवरानी आ जाएगी… मेने पूछा वो घर मे है

क्या.. नेहा ने कहा की वो सासु माँ के पास रमेश के साथ खेल रही हे.. आप चिंता मत करो डार्लिंग वो नही आएगी.. अरे में तो दरवाजा बंद करना भूल गया जब में नेहा के हाथ से ब्रा खींच के उसके बोब्स दबाने लगा तो नेहा बोली पहले कपड़े चेक करने दो बाद में जो इच्छा हो कर लेना में थोड़े ही कही जाने वाली हूँ… में बोला बाद में क्या… वो कहने लगी आप को हर दम मजाक सूजता है

में फिर से उसके बोब्स को ज़ोर से दबाने लगा और पूछा बाद में क्या तो वो बोली वही जो आप रोज़ करते है

मैने पूछा वही क्या। तो वो बोली जाओ में आपसे बात नही करती मैने उसकी दोनो निप्पल को चुटकी से मसलने लगा और कहा पहले बताओगी नही तो में छोड़ूँगा नही तो दर्द से तड़पने लगी और बोली मुझे चोद लेना… अब तक वह भी मूड में आने लगी थी मैने पूछा किससे चोदना है

और किसको चोदना है

तो बोलने लगी आपके लंड से मेरी चूत को बस अब मुझे चेक करने दो में भी बहुत गर्म हो गया था मुझे अब सब्र नही होता है

तो मेने कहा में तुझे अभी चोदुंगा तो बोली मेरी चूत आवारा नही है

जोकि..तुम जब चाहो जब चोद दो ज़रा सब्र करने में ही फ़ायदा है

और मुझे धक्का दे दिया। में रूम से बाहर जाकर सीधा जाकर मोनिका के उपर गिरा. (मोनिका अपने रूम में जा रही थी में उसके उपर गिर गया)। हम दोनो भाई के रूम के बिच में स्टोर रूम है

रास्ता लिविंग रूम से अंदर आना पड़ता है

और रूम का दरवाजा झट से बंद कर दिया जब में मोनिका के उपर गिरा तो वो भी गिरी और संभल के उठा ओर मोनिका आँख बंद करके उई माँ कर रही थी जैसे ही उसको उठाने लगा तो मैने देखा की उसकी साड़ी का पल्लू हट गया था और आधे से ज्यादा बोब्स बाहर निकल आए थे और देखने लगा और में सपना देखने लगा और आँख खोल कर मुझे देखते ही बोली जेठजी आप मेंने मोनिका तो छोड़ दिया और पूछा चोट तो नही आई तो बोली कोई बात नही मोनिका के पैर में चोट लगी थी और अपना पल्लू ठीक कर के बोली मेरे पैर में मोंच आई है

.. में बोला में तुझे अपने रूम में पहुचाकर आता हूँ और मेने मोनिका का हाथ पकड कर अपने रूम में बेड पर लेटाया जैसे ही मुड़ा तो देखा की मोनिका बेड पर आँख बंद कर लेटी है

और साड़ी का पल्लू भी साइड में पड़ा है

तब मैने मोनिका के पास में गया और उसका पल्लू को ठीक करके मैने कहा में अभी नेहा को भेज देता हूँ.. तो वो बोली ठीक है

.. और एक सेक्सी स्माइल दी। वह समझ चुकी थी में उस पर लाइन मार रहा हूँ. में आपको मोनिका का फिगर बताता हूँ हाइट 5.8इंच बोब्स छोटे थे लेकिन कड़क और गोर गोरे, बाल लंबे और कमर पतली. मे भी स्माइल देकर वापस अपने रूम का दरवाजा जोर जोर से खटखटाने लगा और नेहा ने दरवाजा खोलकर पूछा क्या है

मेने उसे बताया की मोनिका को पैर में चोट लगी है

जल्दी जाकर मसाज करो.. में बेड पर लेट गया नींद कब लगी पता ही नही चला और जब उठा तो शाम हो गयी थी मेंने उठकर मुहं धोया फिर घूमने चला गया. रात को डिनर के टाइम हम लोग बैठे थे तभी मोनिका मेरी तरफ शरमाते हुए देखने लगी (नेहा को मालूम नही था की हमारे और मोनिका के बीच क्या हुआ था) मेने धीरे से पूछा अब दर्द कैसा है

तो वो बोली शरमाते हुए बोली ठीक है

ऐसे ही 4-5 दिन निकल गये रविवार का दिन था दोपहर में बनियान में था और नेहा को रूम मे बुलाकर उसकी साड़ी खींच रहा था. नेहा बोली ठहरो में देखकर आती हूँ रमेश को माँ जी के पास सुला कर आती हूँ और देखकर आती हूँ की बाकी लोग क्या कर रहे है

.. (में एक बात आपको बता देता हूँ की कल मेरा छोटा भाई बिजनेस कॉन्फ्रेंसे पर दिल्ली गया हुआ था और 7 दिन के बाद आने वाला था ) में बोला रमेश को जल्दी मोनिका के पास छोड़ कर आ जाओ वो वहा पर खेलता रहेगा… तो वो रमेश को लेकर मोनिका के रूम में गयी. में नेहा का इंतजार करने लगा जैसे ही नेहा ने अंदर पैर रखा मेने नेहा की साड़ी खीचने लगा और बोला आज बड़ी मूंड में लग रही हो वो बोली आप को सब्र तो होता नही बात को आगे बड़ाने में कोई फ़ायदा नही जो करना है

जल्दी कर लो.. में बात को काटते हुआ बोला क्या जल्दी करना है

… इतने में नेहा के पास गया और ब्लाउज के बटन खोलने लगा और बटन खोलने के बाद (नेहा ने ब्रा भी नही पहनी थी) में बोला आज तो तुम मस्त लग रही हो देखो तुम्हारे बोब्स को क्या लग रहे है

जैसे की रसपुरी आम की तरह और में दोनो निप्पल को पकड़े हुए छेड़ने लगा और बोला रानी एक बार कह दो की क्या करना है

… नेहा बोली आप तो दीवाने हो गये हो दिन रात आपको यही सूजता है

… में बोला यही क्या तुम विस्तार से बताओ तुम जानती हो की मेरे को शॉर्ट कट की भाषा नही आती.. नेहा बोली आप मेरे साथ रोज करते हो और रोज पूछते हो तुम कितने बत्तमीज हो… जाओ में तुमसे बात नही करती मेंने निप्पल को जोर से मसलता हुआ कहा रानी जब तक नही कहोगी में नही छोड़ूँगा मेंने और जोर से मसलने लगा और छटपटाने लगी और बोली मेरी निप्पल छोड़ो में बोलती हूँ… में बोला पहले बताओ फिर छोड़ूँगा वो बोली बताती हूँ बाबा बताती हूँ.. में जोर से निप्पल को चुटकी मे लेकर मसलने लगा और कहा जल्दी बोलो रानी नही तो और जोर से मसलू क्या तो वो धीरे से बोलने लगी चुदाई में बोला अब हुई ना बात… नेहा को में गले के उपर किस कर रहा था और मे निप्पल पर हाथ फेर रहा था और लहंगा (घाघरा) का नाडा जटके से खींचा और नीचे गिरा मेरा हाथ अब चूत पर फेरने लगा और पूछा क्या बात है

आज तो मैदान साफ नज़र आ रहा है

… तो बोली आप के लिए किया है

… में अब नीचे जाकर मुहं चूत के उपर रख कर चाटने लगा वो खड़ी खड़ी मस्ती में आने लगी और आवाजे निकालने लगी. आहह.. की तरह. मे जेसे ही जीभ अंदर डालता वो और मस्त होकर बोलेने लगी राजा जोर से और जोर से और जोर से और बोलेने लगी. में आने वाली हूँ जोर से चाट अपनी जीब और अंदर घुसा… में तेज़ी से चाटने लगा और मेरे मुहं पर वीर्य की धार छोड़ दी में सब पी गया और तोड़ा वीर्य मुहं मे लेकर खड़ा होकर उसे किस करने लगा और उसके मुहं मे डालकर पूछा रानी मजा आया की नही और वो बोली बहुत मजा आया… नेहा और में बेड के उपर आकर हम दोनो उल्टे हो गये (69पोज़िशन) मेरा लंड नेहा के मुहं मे था और नेहा की चूत मेरे मुहं पर थी. चाटते वक़्त जेसे ही नज़र रूम के दरवाजे के उपर गयी में चोंक गया की नेहा ने दरवाजा को लॉक लगाना भूल गयी है

. पर्दे के पीछे से कोई हमे देख रहा है

में सोचने लगा कोंन हो सकता है

. (मे आपको एक बात बता देता हूँ की हमारे दरवाजे के पीछे ही पर्दा लगा है

और अंदर से बाहर नही दिखता पर परछाई गौर से देख सकते है

.) इधर नेहा को मस्ती फिर छा रही थी और जोर से बोलने लगी की चाटो मेरी चूत को खा जाओ चूत को… और मेरा लंड मुहं मे लेकर जोर जोर से चूसने लगी थी (हम जोर से बोलने लगे थे) उधर वो (मोनिका) हमारी बाते सुन रही थी और हमारा खेल देख रही थी. मैने कहा रानी अब असली खेल खेलते है

तो वो बोली कोनसा खेल खेलना बाकी है

.. में बोला क्यों तरसाती हो… नेहा बोली इसलिए कहती हूँ सोते हुए साँप को कभी नही जगाना चहिये। और में सीधा नेहा के उपर होकर लंड चूत के उपर रगड़ने लगा. नेहा बोली ज़रा सब्र करो… वो मुझे किस करने लगी और में उसके बोब्स को जोर से दबाने लगा। नेहा बोली राजा लंड को चूत के उपर रगड़ने से कुछ नही होता चूत में डालने से पता चलता है

की लंड में कितना दम है

… तेरा लंड तो देखो कितना डरता उसने लंड को चूत के उपर रख कर नीचे से जोर से उपर धक्का दिया जेसे ही धक्का दिया मैने वापस उपर से धक्का दिया और पूरा लंड चूत के अंदर चला गया. में उपर से उसके बोब्स को मसलने लगा और धीरे धीरे चोदने लगा. ( हम जब भी सेक्स करते हे तो हम एक दूसरे को गाली देते है

) बोला की रानी मजा आया वो बोली चूतिया मजा अब आएगा देखूं तो तेरे लंड में कितनी ताकत है

… में बोला मेरे को चूतिया बोलती है

ले मेरा लंड का शॉट ले… में जोर से चूत को लंड के अंदर डालने लगा और जोर से चोदने लगा (उधर मोनिका पर्दे के पीछे हमारा खेल देख रही थी और बाते सुन रही थी) नेहा को पूरी मस्ती चड़ी हुई थी और जोर जोर से बोले जा रही थी चोद साले चोद मादरचोद चोद लंड में ताक़त नही है

क्या… में बोला रंडी ले मेरे लंड का शॉट ले हरामजादी मेरे को मादारचोद बोल रही में अब जोर से लंड को बाहर निकाला और एक झटके में लंड को अंदर डाला बोला साली चूत उछाल रही है

.. ले लंड को और अंदर ले… नेहा भी बोलने लगी चोद.. चोद.. मेरी चूत को क्या तेरा लंड है

.. मै कभी भी इसके बगेर नही रह सकती.. ले कुत्तिया और अंदर ले.. में जोर जोर से चोदने लगा था। ओर पुरे रूम में गालिया और हमारी चोदने की (पछ पच) की आवाज़ सूनाई दे रही थी इतने में नेहा बोली चोद जल्दी से चोद हरामी में आने वाली हूँ.. चोद में जोर जोर से चोदने लगा। नेहा ने चूत की पिचकारी छोड़ दी बोली मजा आ गया राजा… मेने उसको जोर जोर से चोदना जारी रखा और बोला ले मेरा लंड साली भोसडी की… में भी आ रहा हूँ… मैने भी लंड को बाहर निकाल के उसके मुहं के पास रखकर बोला ले साली मेरा जूस पी… नेहा मुहं खोल कर और मेरा वीर्य पीने लगी और लंड को चाट कर साफ किया. जब हम शांत हुए मेंने कपड़े पहन कर नेहा को किस करके रूम से बाहर निकला. निकलते वक़्त मैने देखा मोनिका को अपने रूम भागते और में सोचते सोचते पिताजी के पास जा कर टीवी देखने लगा शाम को जब में पिताजी से बात कर रहा था तो मोबाइल की रिंग बजी मैने नंबर देखा तो ससुराल से नेहा के भाई का फोन था। बोला हेलो जीजाजी मे सुंदर बोल रहा हूँ.. में बोला जी बोलिए क्या बात है

जीजाजी आप नेहा से बात करवाओ… में सेल नेहा को देने को चला गया नेहा को सेल देकर बाहर आया कुछ देर के बाद में नेहा मेरे पास आकर बोली जी मेरा फ्लाइट का टिकट बुक करवा दीजिये मेरे को अभी माइके जाना है

और में 7 दिन के बाद में आउंगी… तो मेने बोला क्यों क्या बात है

सब कुछ ठीक ठाक है

तो बोली मम्मी को हॉस्पिटल मे एड्मिट किया हे अपेंडिक्स का ऑपरेशन है

मेने बोला ठीक है

… में अभी इसी वक़्त एयरपोर्ट जाकर टिकट बुक करता हूँ.. तुम अपना समान पॅक करके रेडी रहना में एयरपोर्ट जाकर टिकट लेकर रखता हूँ तुम मेरा सेल अपने पास रखो में तुम्हे टिकट लेकर फोन करूँगा तभी तुम समान लेकर निकल जाना. में एयरपोर्ट पहुच कर पता लगाता हूँ की फ्लाइट कब की है

… और टिकट मिल गया था फ्लाइट 8 बजे की थी जब मैने घड़ी देखी तब 6:30 बजे थे. मैने सेल पर फोन करके बताया की तुम अभी घर से निकलो ताकि टाइम पर पहुच सको… में एयरपोर्ट पर वेट करने लगा तभी वापस मेरे सेल पर नेहा का फोन आया ( मेरे पास दो सेलफोन है

एक कंपनी दूसरा पर्सनल) पूछने लगी में मोनिका को भी एयरपोर्ट साथ लेकर आती हूँ… में बोला ठीक है

तुम जिसे साथ लाना हे लाओ अभी इसी वक़्त निकलो मैने फोन काट दिया। तो दोस्तों आगे की कहानी अगले भाग में . . . . और … +0 कहानी एक मजबूर बेटे की 2 देवरानी ने जेठजी से मजा लूटा 2 .

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